Monday, 8 August 2016

सनी लियॉन की किताब मेरा बचपन मेरी शरारतें adult

मुझे आज भी वो पड़ोस वाले अंकल याद है जो मुझ से कहते थे की लॉलीपॉप चाहिए तो पेंट की जेब मै हाथ डाल के खुद ही निकाल लो .
और जब मै उनकी पेंट की जेब में हाथ डालती थी तो कितनी देर तक लॉलीपॉप पकड़ कर खिचती रहती थी .
मगर अंकल ने इतनी कस के लॉलीपॉप बंधा होता था , की उसकी चीनी पिघल के मेरे हाथ में लग जाती थी ,
मगर कभी भी लोलिपॉप नही निकल सकी " ....

सनी लियॉन की किताब -- " मेरा बचपन - मेरी शरारतें

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